Thursday, May 14, 2009

कार्टून : कुछ इधर जाए...कुछ उधर जाए..विचारधारा भाड़ में जाए.

बामुलाहिजा
Cartoons by Kirtish Bhatt

11 comments:

ravindra vyas said...

बहुत अच्छे।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

क्यूँ जाए विचारधारा भाड़ में? इसे लॉकर में रक्खें और जब जरूरत हो निकाल लें।

इष्ट देव सांकृत्यायन said...

और क्या! वैसे दिनेश जी भी ठीक कर रहे हैं.

राजीव जैन Rajeev Jain said...

अब तो अवसरवाद की राजन‍ीति का युग है

Anand Nirmal Jain said...

विचारधारा थी ही कब.... ?

भानुमती के पिटारे जैसी सरकारों में कुर्सी हथियाने के हथकंडे ही देख रहे हैं कब से.

संजय बेंगाणी said...

अंतिम सत्य तो कूर्सी ही है बच्चा....सारे सिद्धातं उसी के लिए है, उसी पर न्यौछवर भी हो जाते है.

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

इस आधार पर सरकार बन गई समझो!

Shefali Pande said...

एकदम सच ...सरकार बन जाए किसी तरह ...विचारधाराएँ तो अपने आप ही एक हो जाएंगीं ..

Udan Tashtari said...

कितने सुन्दर विचार हैं दोनों ही पार्टियों के!!

Jayant Chaudhary said...

हम (और नेता) करें, वाह वाह..
विचार करें आह आह...

~जयंत

Dhiraj Shah said...

आज सभी दल के नेताओ की विचारधाराये अलग अलग है इसलिये सबकी विचार धारा एक नही हो सकती है