Thursday, December 3, 2009

कार्टून : ज़रा इसको भी डांटना तो प्रणब दा


6 comments:

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी said...

sateek ...

संजय बेंगाणी said...

एक को डाँटने से क्या हो, इसकी वजह से सारे भारत की नारियाँ बेलन लिए प्रणबबाबू को खोज रही है. :)

पी.सी.गोदियाल said...

इस डांटा तो घर से भी जायेंगे और घाट से भी !

Udan Tashtari said...

डांटने से मान जाती तो क्या बात है. :)

Bhavesh (भावेश ) said...

इस उम्र में झुंझलाने और डाटने के अलवा और कर भी क्या सकते हो.

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

नहीं डाँट सकते :)