मंत्री को मारने के लिये प्लास्टिक की चप्पल ठीक रहती है. सस्ती और मज़बूत होती है. मारने के बाद संग्रहालय में काफी समय तक रखी भी जा सकती है. अरे हाँ, मारने पर आवाज भी होती है.
टूटी हुई ले लेता...
धांसू।............ब्लॉग समीक्षा की 12वीं कड़ी।अंधविश्वासी लोग आज भी रत्न धारण करते हैं।
सस्ती घटिया और ईंट जैसे पक्की!!!!तीखे तड़के का जायका लेंसंसद पर एटमी परीक्षण
हर कार्य के लिये अलग चप्पल।
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5 comments:
मंत्री को मारने के लिये प्लास्टिक की चप्पल ठीक रहती है. सस्ती और मज़बूत होती है.
मारने के बाद संग्रहालय में काफी समय तक रखी भी जा सकती है. अरे हाँ, मारने पर आवाज भी होती है.
टूटी हुई ले लेता...
धांसू।
............
ब्लॉग समीक्षा की 12वीं कड़ी।
अंधविश्वासी लोग आज भी रत्न धारण करते हैं।
सस्ती घटिया और ईंट जैसे पक्की!!!!
तीखे तड़के का जायका लें
संसद पर एटमी परीक्षण
हर कार्य के लिये अलग चप्पल।
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