कभी कभी सोचता हूं कि अगर न्यायपालिका यूं सख़्त न होती तो इस देश का क्या होता
फिर से चर्चा मंच पर, रविकर का उत्साह | साजे सुन्दर लिंक सब, बैठ ताकता राह || -- शुक्रवारीय चर्चा मंच ।
सच कहना कठिन है..
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साजे सुन्दर लिंक सब, बैठ ताकता राह ||
--
शुक्रवारीय चर्चा मंच ।
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