हा-हा-हा-हा, बहुत बढिया, अब एक अनुरोध मेरा, कृपया इसे कार्टून की शक्ल दे :
एक कंधे में झोला लटकाए हुए लेखक सड़क पर तेज कदमो से उससे दूर भागे जा रहे दो लोगो को आवाज मारता है; "अरे, शोरी जी, सिन्हा साहब...., अरे रुको तो सही, कहा भाग रहे हो ! मैं आपके नाम से किताब फ्री में लिख दूगा बस" थोडा किताब का मसाला..........!"
4 comments:
Sahi kaha aapne.
( Treasurer-S. T. )
हा-हा-हा-हा, बहुत बढिया,
अब एक अनुरोध मेरा, कृपया इसे कार्टून की शक्ल दे :
एक कंधे में झोला लटकाए हुए लेखक सड़क पर तेज कदमो से उससे दूर भागे जा रहे दो लोगो को आवाज मारता है; "अरे, शोरी जी, सिन्हा साहब...., अरे रुको तो सही, कहा भाग रहे हो ! मैं आपके नाम से किताब फ्री में लिख दूगा बस" थोडा किताब का मसाला..........!"
ha ha ha
बालक फेल हो गया... :( मोनिटर ने भी यही पढ़ा था, उसको कुछ नहीं कहा...
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